सम्राट अशोक मौर्य जी का जीवन - परिचय in Hindi
सम्राट अशोक मौर्या जी का जीवन - परिचय हिंदी में \ Samrat Ashok Maurya Biography in Hindi
अशोक सम्राट जी जो मौर्या वंश के तीसरे सबसे शक्तिशाली योध्या थे , अशोक का जन्म वर्तमान के बिहार में हुआ था , इन्होने पुरे भारत में अपनी शक्ति के बल पर राज किया ! आशोक सम्राट बहुत ही जिद्दी राजा थे , इन्होने इन्होने कलिंग पर भी आक्रमण किया था | इस दौरान बहुत लोगो की मृत्य हुई , इसमें लाखो लोग मरे गये , और घायल भी हुए , इसमें हर देख राजा अशोक ने धार्मिक प्रचार की और भी खुद को ले गया | इसके दौरान अशोक दया की और भी आ गया , और उसने युद्ध न करने के प्राण के साथ शान्ति से प्रचार भी किया !
प्रारंभिक - जीवन -
मौर्य वंश का शाशक चक्रवर्ती अशोक सम्राट जी का जन्म 304 ई. में बिहार पाटलिपुत्र में हुआ था | अशोक सम्राट बिन्दुसर के पुत्र थे , अशोक सम्राट बहुत ही बल्वान और बुद्धिमान राजा थे ! इसने सदैव बहादुरी दिखाई और लड़ता रहा , लेकिन अंत में इसने युद्ध छोड़ शांति की और आना चाहा !
सम्राट अशोक गणित और अर्थशास्त्र में बहुत बड़ा ज्ञाता था ! इसके शिक्षा के समय ज्यादा विद्यालय भी नही थे , इसने पढाई की और बहुत से अच्छे काम भी किये है | सम्राट राजा अशोक ने बिहार में प्रसिद्द उज्जैन अध्यन केन्द्र की भी स्थापना की है | सम्राट अशोक ने अपने जीवन में बड़े - बड़े विद्यालयों का भी निर्माण किया है !
अशोक के द्वारा निर्माण :-
सम्राट अशोक अपने दादा जी चन्द्रगुप्त मौर्य के तरह ही जैन धर्म का एक अनुयायी था , अशोक ने भी अपने दादा जी की तरह बहुत से भवन मैथ और मंदिरों का निर्माण भी किया है ! अशोक सम्राट ने सबसे प्रसिद्द सपूत साँची सपूत को भी बनवाया है !
सम्राट अशोक की धार्मिक जानकारी :-
सम्राट अशोक मौर्य धर्म का अनुयायी था , सम्राट अशोक हमेशा अपनि जनता को जिओ और जीने दो का ज्ञान भी देता था , राजा अशोक बहुत ही ज्यादा पशु हत्या के खिलाफ था | अशोक बौध धर्म का बहुत ही बड़ा प्रचारक था , इसने बौध धर्म के प्रचार के लिए अपने सैनिको को एनी देशो जैसे श्री लंका नेपाल , सीरिया , आदि देशो में बौध धर्म के प्रचार के लिए भेजा था ! यहाँ तक सम्राट अशोक ने अपने बेटे और बेटी को भी बौध धर्म के प्रचार हेतु अपने सैनिको के साथ इन देशो की यात्रा पर भेज दिया ! अशोक के सबसे बड़े पुत्र महेंद्र ने प्रचार करने में सबसे बड़ी सफलता प्राप्त की ! महेंद्र ने श्री लंका के राजा तीस को बौद्ध धर्म अपनाने के लिए विवश कर दिया , तीस ने भी भय से बौध्ध धर्म को राजधर्म में परिवर्तित कर लिया !
मृत्यु :-
सम्राट अशोक ने अपने पुरे जीवन में बहुत से अच्छे कार्य किये , ये ये क्रुद्ध के साथ दानी और एक समझदार सहनशील , न्यायी राजा था | 40 वर्ष शाशन करने के बाद इस महान सम्राट रजा अशोक की मृत्यु हो गयी !
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